Not known Facts About protection
वासुकीमुखी नागिनी मंत्र : नागिनी को सिद्ध करने की और प्रसन्न...
वज्र पानी पिबेच्चांगे डाकिनी डापिनी रक्षोव सर्वांगे।
जिसके कारण यह कुछ राशियों को शुभ फल देता है तो कुछ राशियों को अशुभ फल देता है और अगर आध्यात्मिक की दृष्टि से देखा जाए तो ग्रहण काल का समय साधकों के लिए किसी प्रकार के वरदान से कम नहीं होता है.
धर्म ज्ञाननवरात्रि स्पेशलछठ पूजा विशेषमुहूर्त एवं तिथिपितृपक्षमहाकुंभश्रावण विशेष
श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्मयै नम
गुरु की भूमिका:- शाबर मंत्रों की सिद्धि के लिए गुरु से दीक्षा लेना आवश्यक है। गुरु के निर्देशों का पूरी श्रद्धा और विश्वास के साथ पालन करें।
क्योंकि इस समय साधना करने से उन्हें जल्दी ही साधना में सफलता प्राप्त होती है,अगर कोई साधक सूर्य ग्रहण या फिर चंद्र ग्रहण के समय मंत्र साधना करता है तो उसे अवश्य सफलता मिलती है.
गुरु मंत्र की दीक्षा लेना अनिवार्य है।
साधना आरम्भ से पूर्व मंत्र को कण्ठस्थ करके'जप करें।
वेदोंशास्त्रसप्त ऋषिसप्त चिरंजीवीसप्त नदियाँधामज्योतिर्लिंगकुंभ स्थलशक्तिपीठ
इस तरह साधक शाबर मंत्र साधना करके इस मंत्र को सिद्ध कर सकता हे और किसीकी परेशानी को दूर कर सकता हे,मेरा सभी साधक मित्रो से बस यही कहना हे की कोई भी साधना करो पर किसी व्यक्ति के भले काम के लिए उस साधना का इस्तेमाल करना चाहिए अगर किसीका बुरा करोगे तो खुद आपका बुरा होगा,किसीका अच्छा ना कर सको तो कुछ नहीं पर किसीका बुरा मत करना बस आप साधक मित्रो से मेरा यही ही निवेदन हे.
राम-राम क्या करे, चीनी मेरा नाम। सर्वनगरी बस में करूं, मोहूं सारा गांव।राजा की बकरी करूं, नगरी करूं बिलाई। नीचा check here में ऊंचा करूं, सिद्ध गौरखनाथ का दुहाई।
साधना शान्त, नियत स्थान पर एकांत में ही करें।
ताकि वह ग्रहण काल में अपनी मनचाही सिद्धि कर पाए, ग्रहण काल में चाहे वैदिक मंत्र हो या फिर साबर मंत्र हो दोनों की सिद्धि की जा सकती है और दोनों ही मंत्र बड़ी जल्दी सिद्ध हो जाते हैं.